युवा अनस्टाॅपेबल संस्था बदल रही है यूपी के प्राइमरी स्कूल की शक्ल



कुछ माह पहले न फर्श, न बाउंड्री और बगैर शौचालय के दिखने वाला सरकारी विद्यालय आज अमरोहा जिले के एक आदर्श विद्यालय के रूप में गिना जाता है और यह सब विद्यालय की सहायक शिक्षिका दीपिका राज और गैर सरकारी संगठन ’युवा अन स्टोपेबल’ के प्रयास से हुआ है। यह एनजीओ स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विभिन्न राज्यों में सरकारी विद्यालयों को गोद लेता है और उनका कायापलट करता है। सबसे गंदा रहने वाला विद्यालय का शौचालय आज सबसे ज्यादा चमक रहा है। पानी की टंकियों में आरओ पानी की आपूर्ति हो रही है, समरसेबुल भी करा दिया गया है, बागवानी से पूरे विद्यालय परिसर को सजाया गया है, विद्यालय के चारो ओर दीवारे भी खड़ी हो गई है। और बाकी का काम जोरो से प्रगति पर है। जब हमारे आॅनलाइन समाचार संवादाता ने ’युवा अन स्टोपेबल’ एनजीओ की निदेशक अमिताभ शाह से बात की तो उन्होने बताया कि विद्यालय भवन के अच्छा होने से बच्चों का मन पढ़ाई में लगता हैै। विद्यालय और बच्चों के भविष्य के लिए हमारी संस्था ने पूरे भारत में 800 सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से बहतर बनाने का प्रयास किया है। उन्होने यह भी बताया कि रंग दे बसंती के डायरेक्टर ओमप्रकाश मेहरा जी स्वच्छता पर उनकी संस्था 'युवा अनस्टाॅपेबल' के साथ फिल्म 'मेरे प्यारे प्रधानमंत्री' भी बना रहे हैं जो कि जनवरी 2018 में रिलीज होगी।