Career News



केंद्र सरकार जल्द देगी 20 लाख बेरोजगारों को रोजगार, इन पदों पर होगी भर्ती

देश में दस साल के शासन के बाद वर्ष 2014 में एनडीए की सरकार बनी, इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं में भी एक उम्मीद की किरण जगी, लेकिन आज सवा तीन साल बीतने के बाद भी एनडीए सरकार ने देश की दशा में सुधर नहीं ला पाई है। हालांकि अब सरकार एक ऐसा कदम उठाने वाली है, जिससे बेरोजगारों के चेहरे खिल जाएंगे। दरअसस मोदी सरकार केंद्र और राज्य स्तर पर 20 लाख खाली पड़े पदों पर भर्ती करने जा रही है। जिसमे केंद्रीय मत्रालयों और सरकारी विभागों के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की करीब 244 कंपनियां भी शामिल हैं। रेलवे में सुरक्षा संबंधी मामलों को लेकर दो लाख लोगों की भर्ती होनी है। श्रम मंत्रालय ऐसे विभाग और संस्थानों का पता लगाने में जुटा है जहां पद खाली हैं। इसके बाद वह सरकार के योजना प्रस्तुत करेगा। पदों को डेली, वीकली व मंथली बेस पर दी जाने वाली नौकरियों से भरा जाएगा। केंद्रीय मंत्रालय के स्तर पर लगभग 6 लाख पोस्ट खाली हैं। श्रम मंत्रालय जल्द ही इसकी जानकारी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज को देगा, जिसके बाद इन पर भर्ती की जाएगी। अगर केंद्र स्तर पर यह प्रक्रिया सफल रहती है तो इसे राज्य स्तर पर भी दोहराया जाएगा।



शिक्षा कौशल के बिना लाखों को नहीं मिल पायेगी नौकरी

शिक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने चेताया है कि वर्षों तक ध्यान नहीं देने के कारण 26 करोड़ बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है और 40 करोड़ बच्चे कार्यात्मक रूप से निरक्षर रह गए और अगर शिक्षा को वित्त पोषित करने के बेहतर तरीके नहीं खोजे गए तो 80 करोड़ और युवा 2030 तक नौकरी पाने के लिए जरूरी कौशल सीखे बिना स्कूल छोड़ देंगे। गॉर्डन ब्राउन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह दुनिया में 1.6 खरब बच्चों का आधा है। उन्होंने कहा कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो संयुक्त राष्ट्र का 2030 तक हर बच्चे को माध्यमिक स्कूली शिक्षा सुनिश्चित करने का लक्ष्य 2050 या 2100 तक पूरा नहीं हो सकेेगा। ब्राउन ने नए ‘इंटरनेशनल फाइनेंस फैसिलिटी फॉर एजुकेशन’ बनाने का प्रस्ताव किया है। उनके मुताबिक यह शिक्षा में सालाना तौर पर करीब 10 खबर अमेरिकी डॉलर के निवेश करने के रास्ते खोलेगा और 2030 तक संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा।